कम्प्यूटरीकृत सूचना सेवा
भारत की संसद ने सांसदों को उनके कर्त्तव्यों के प्रभावी निर्वहन में सहायता देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र (एन.आई.सी.) की सहायता से दिसम्बर, 1985 में कम्प्यूटरीकृत सूचना सेवा (संसदीय ग्रंथालय सूचना सेवा) नाम से कम्प्यूटर आधारित सूचना प्राप्ति प्रणाली की शुरुआत की गयी थी। इन वर्षों में कम्प्यूटर केन्द्र ने न केवल संसदीय ग्रंथालय, बल्कि पूरे लोक सभा सचिवालय के भी आधुनिकीकरण और कम्प्यूटरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
कम्प्यूटरीकृत सूचना सेवा संसद सदस्यों की सुविधा हेतु ग्रंथालय के अंदर ही डिजाईन की गयी थी। यह संसदीय सूचना के विषय अनुक्रमणित संदर्भों का डाटाबेस है। बाद में, सभी डाटाबेसों को वेब फार्मेट में पूर्ण पाठ डाटाबेसों में परिवर्तित किया गया और इन्हें भारत की संसद के होम पेज पर उपलब्ध कराया गया।
भारत की संसद का होम पेज
(https://sansad.in)
भारत की संसद के होम पेज़ का उद्घाटन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा 15 मार्च, 1996 को किया गया था। यह होम पेज़ अब भारत के संविधान, भारतीय संसद के इतिहास, इसकी पद्धति तथा प्रक्रिया, राज्य सभा और लोक सभा के सदस्यों के जीवनवृत्त, उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि और संविधान सभा, राज्य सभा व लोक सभा की कार्यवाही के बारे में सूचना एवं संदर्भ प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। वर्तमान में, लोक सभा और राज्य सभा की अलग-अलग वेबसाइट संबंधित सचिवालयों द्वारा अनुरक्षित की जा रही हैं और इनके लिंक भारत की संसद के होम पेज़ पर दिए गए हैं।
लोक सभा के वेब पेज़ को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि प्रयोक्ता आसानी से सूचना खोज सकें। वेबसाइट पर जारी किए गए डॉटा को प्रयोक्ता अनुकूल ड्रॉप डाउन मेन्यू के माध्यम से तार्किक रूप से संयोजित किया गया है। सूचना का नेवीगेशन किसी भी पेज़ से किया जा सकता है। संसदीय सूचना के प्रमुख घटक जो अब लोक सभा के होम पेज़ (https://sansad.in/ls) पर उपलब्ध हैं, वे हैं:-
(एक) सदस्यः इसमें वर्तमान सदस्यों की वर्णानुक्रम, राज्यवार, पार्टीवार सूची, महिला सदस्यों, नाम-निर्दिष्ट सदस्यों का ब्यौरा, रिक्तियां, पते और ई-मेल पते हैं। इसमें लोक सभा में उनका अनुभव दर्शाते हुए सदस्यों (पहली से चौदहवीं लोक सभा) की समेकित सूची, दसवीं लोक सभा से आगे के सदस्यों के जीवनवृत्त, वर्तमान लोक सभा के प्रत्येक सदस्य के होम पेज़ पर उनका जीवनवृत्त, संसद की कार्यवाही, प्रश्नों, विधेयकों, प्रस्तावों में उनकी भागीदारी और उनके संसदीय क्षेत्र के विकास से संबंधित जानकारी तथा डाटाबेस में विभिन्न सर्च विकल्प उपलब्ध हैं।
(दो) कार्य: इसमें सभा की कार्य-सूची, बुलेटिन तथा प्रत्येक सत्र के दौरान किए गए कार्य का विवरण सम्मिलित हैं।
(तीन) प्रश्नः इसमें प्रश्न सूची, फरवरी, 2000 से प्रश्नों और उनके उत्तरों का पाठ, जुलाई, 2000 से अनुपूरक प्रश्न और उनके उत्तर, 1985 से 1999 तक के चुने हुए प्रश्नों की अनुक्रमणिकाएं, प्रश्न खोजने की सुविधा तथा मंत्रालयों/िवभागों के नोडल अधिकारियों की सूची शामिल हैं।
(चार) वाद-विवादः इसमें प्रतिदिन के वाद-विवाद का पाठ, वाद-विवाद का सारांश, विभिन्न सर्च सुविधाओं सहित अक्तूबर, 1999 के बाद के वाद-विवाद, संविधान सभा का वाद-विवाद और हास-परिहास की घटनाएं शामिल हैं।
(पांच) विधानः इसमें लोक सभा और राज्य सभा में पुरःस्थापित सरकारी/गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयकों की विषय सूची और पाठ शामिल हैं। साथ ही शीर्षक-वार, सदस्य/मंत्रालय वार और श्रेणीवार सर्च विकल्प उपलब्ध हैं।
(छह) समितियां: इसमें समितियों की संरचना, चयनित विषय, उन्हें प्रेषित विधेयकों, बैठकों, अनुसूचियों, अध्ययन दौरों, प्रस्तुत प्रतिवेदनों तथा की-गई-कार्रवाई प्रतिवेदनों पर की-गई-कार्रवाई विवरण से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
(सात) सचिवालयः इसमें संगठन चार्ट, भर्ती नियम/परिणाम, और बिक्री हेतु उपलब्ध प्रकाशन से संबंधित जानकारी शामिल है।
उपर्युक्त के अतिरिक्त, संसद भवन और संसदीय ग्रंथालय की वास्तविक जानकारी (वरच्यूल टूर), संसद के बारे में सामान्य जानकारी, लोक सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम, अध्यक्ष द्वारा निदेश, संसदीय कार्य संबंधी भारत सरकार की नियम पुस्तिका और संसद सदस्यों के साथ पेश आने के सरकारी अनुदेश भी होम पेज़ पर उपलब्ध हैं। इसमें अतिरिक्त, होमपेज़ पर 24 घंटे लोक सभा टी.वी. वेबकास्ट, इसकी समय-सारणी तथा महत्वपूर्ण वीडिया क्लिपिंग उपलब्ध है। लोक सभा के होम पेज़ पर "विधायी साइटें ", "न्यायिक/िवधक साइटें " और "सरकारी साइटें " इन आइकनों के अंतर्गत भारत के विधायी निकायों; राज्य सभा; अन्य संसदों; अंतर-संसदीय संघ; राष्ट्रमंडल संसदीय संघ; भारत के राष्ट्रपति; प्रधानमंत्री; मंत्रालयों; राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों; चुनाव आयोग; भारतीय न्यायालयों; उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के लिंक भी उपलब्ध कराए गए हैं।
लोक सभा के अध्यक्ष के लिए एक पृथक होम पेज़ बनाया गया है जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ वर्तमान अध्यक्ष का जीवनवृत्त, उनकी राजनीतिक एवं व्यक्तिगत उपलब्धियां, अध्यक्ष की भूमिका, कार्यक्रम जिसमें उन्होंने भाग लिया, उनके भाषण तथा प्रेस विज्ञप्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, सभी भूतपूर्व अध्यक्षों के कार्यकाल के साथ उनके जीवनवृत्त भी इस अनुभाग में उपलब्ध हैं।
संसदीय ग्रंथालय के क्रियाकलापों को अपने ही यहां विकसित वाणिज्यिक सॉफ्टवेयर पैकेज एलआईबीएसवाईएस (लिबसिस) का प्रयोग करके स्वचालित किया गया है। "लिबसिस " एक समेकित ग्रंथालय एप्लीकेशन वेब इनेबल्ड सॉफ्टवेयर पैकेज है जिसमें ग्रंथालय की लगभग सभी गतिविधियों को कवर किया जा सकता है। संसद सदस्यों और ग्रंथालय के अन्य प्रयोगकर्ताओं द्वारा ग्रंथालय के डॉटाबेस को इंटरनेट और इंट्रानेट पर देखा जा सकता है।
संसद सदस्यों की रूचि के प्रमुख क्षेत्रों एवं अद्यतन प्रौद्योगिकीय विकास को ध्यान में रखते हुए डी.वी.डी., सी.डी., टेप और फ्लॉपी पर इलेक्ट्रानिक प्रकाशनों की डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है। एक नेटवर्क डी.वी.डी./सी.डी. मिरर हाइब्रिड सर्वर जो 600 जी.बी. डॉटा को सपोर्ट करने में सक्षम है, कम्प्यूटर सर्वर रूप में स्थापित किया गया है। डिजिटल कलेक्शन जैसे कि संदर्भ पुस्तकें, वार्षिकी, रिपोर्टें, एटलस, ई-जर्नल्स, निर्देशिकाएं आदि को http://164.100.24.230 पते पर लोकल एरिया नेटवर्क (एलएएन) या www ब्राउसर से देखा जा सकता है।
प्रलेखन अनुभागः- प्रलेखन के कम्प्यूटरीकृत डॉटाबेस को संसद और समितियों के सदस्यों अधिकारियों तथा शोध एवं संदर्भ कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों की संदर्भ संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन गया है। समाचार पत्रों और जर्नलों में प्रकाशित महत्वपूर्ण लेखों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रकाशनों की अनुक्रमणिका होम पेज पर उपलब्ध कराई जाती है जिससे संसद सदस्यों को तत्काल एवं अद्यतन सूचना प्राप्त करने में सुविधा होती है।
कंप्यूटर उपस्कर क्रय करने हेतु लोक सभा के सदस्यों को वित्तीय हकदारी योजना
पंद्रहवीं लोक सभा के गठन के पश्चात् लोक सभा के सदस्यों को कम्प्यूटर एवं अन्य पेरीफेरल खरीदने की सुविधा, माननीय अध्यक्ष द्वारा यथा अनुमोदित कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीद के लिए वित्तीय योजना के अंतर्गत प्रदान की गई है। यह योजना 31 जुलाई, 2009 से प्रभावी है। इस योजना के अंतर्गत सामान्य निर्वाचन में निर्वाचित अथवा संविधान के अनुच्छेद 331 के अधीन भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्दिष्ट लोक सभा का सदस्य 2,00,000/रुपए तक के कम्प्यूटर हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर तथा अन्य पेरीफेरल खरीदने का हकदार है। उप-निर्वाचन में निर्वाचित अथवा राष्ट्रपति द्वारा तीन वर्ष के कम समय के लिए नामनिर्दिष्ट सदस्य 1,50,000/रुपए तक के कम्प्यूटर संबंधी सामान खरीदने के हकदार हैं। तथापि, इस वित्तीय हकदारी का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को ई-रीडर खरीदना अनिवार्य होगा। इस योजना के अंतर्गत खरीदे गए कम्प्यूटर हार्डवेयर के अनुरक्षण एवं बीमा पर किए गए व्यय को सदस्य को स्वयं वहन करना होगा। इस योजना के अधीन खरीदे गए कम्प्यूटर उपस्कर सदस्य के ही पास रहेंगे। तथापि, जब उनकी सदस्यता समाप्त होगी तो उस समय उन्हें तत्समय प्रवृत्त आयकर नियमों के अनुसार कम्प्यूटर उपस्कर का ह्रासित मूल्य जमा कराना होगा।
सदस्य पूछताछ केन्
द्र
संसदीय ज्ञानपीठ के कमरा सं. जी-127 में सदस्य पूछताछ केन्द्र की स्थापना की गई है जहां सदस्यगण कम्प्यूटर उपस्कर क्रय करने हेतु लोक सभा के सदस्यों को वित्तीय हकदारी की नई योजना के अंतर्गत डीलर को भुगतान करने के लिए अथवा प्रतिपूर्ति के लिए प्रारूप बीजक/बिल जमा करते हैं।
राजनीतिक दलों को कम्प्यूटर हार्डवेयर उपलब्ध कराना
कम्प्यूटर उपस्कर प्रावधान (लोक सभा में विधायी दल एवं अधिकारीगण) नियम, 2009 के अनुसार, जिन राजनीतिक दलों को संसद भवन परिसर में स्थान आवंटित किया गया है, वे सचिवालय द्वारा एक डेस्कटॉप, एक यूपीएस, एक प्रिंटर तथा इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने के हकदार होंगे। कम्प्यूटर हार्डवेयर का अनुरक्षण सचिवालय द्वारा किया जाएगा। बीमा तथा उपभोज्य वस्तुओं का व्यय राजनीतिक दलों को वहन करना होगा। कम्प्यूटर हार्डवेयर/अपनी पार्टी की ओर से दल के नेता/ मुख्य सचेतक द्वारा प्राप्त किया जाएगा। यदि नेता अथवा मुख्य सचेतक अपने दल का नेता अथवा मुख्य सचेतक अथवा लोक सभा का सदस्य नहीं रहता है तो उसे कम्प्यूटर उपस्कर इस सचिवालय को लौटाना होगा। यदि वह उक्त उपस्कर नहीं लौटाते हैं तो उन्हें उसका मूल्य जमा कराना होगा। यदि वह कम्प्यूटर उपस्कर का मूल्य जमा नहीं कराते हैं तो उन्हें सचिवालय की ओर से उन्हें संदेय राशि में से वसूल किया जएगा।
कम्प्यूटरों की खरीद और उनका रख-रखाव
लोक सभा सचिवालय में सूचना के कुशल प्रबंधन के लिए अनेक कम्प्यूटर और सर्वर स्थापित किए गए हैं। प्रस्तावों की तकनीकी दृष्टि से जांच करने के लिए स्थायी तकनीकी सलाहकार समिति का गठन किया गया है। सचिवालय के विभिन्न कार्यालयों/शाखाओं की कम्प्यूटर हार्डवेयर संबंधी आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श और सिफारिश करने हेतु लोक सभा सचिवालय में कम्प्यूटरीकरण संबंधी अधिकारियों की एक समिति का गठन भी किया गया है। इस समिति की सिफारिश पर आवश्यक कम्प्यूटर हार्डवेयर की खरीद की जाती है।
कम्प्यूटरों के रख-रखाव का कार्य सीएमसी लिमिटेड को सौंपा गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों/शाखाओं से प्राप्त होने वाली कम्प्यूटर संबंधी शिकायतों को दर्ज करने के लिए संसद परिसर में एक कॉल डिस्पैच सेंटर की स्थापना की है। सीएमसी ने शिकायतें दूर करने के लिए एक दल नियुक्त किया है जिसमें पर्याप्त संख्या में इंजीनियर हैं। कॉल डिस्पैच सेंटर प्रयोक्ताओं को टेलीफोन पर भी सहायता प्रदान करते हैं।
प्रशिक्षण
संसद सदस्यों/अधिकारियों के लाभ हेतु संसदीय कार्य के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के विभिन्न प्रयोगों की जानकारी देने और उनकी कुशलता का विकास/उन्नयन करने के लिए संसदीय अध्ययन तथा प्रशिक्षण ब्यूरो में नियमित रूप से परिबोधन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ये कार्यक्रम विशिष्टता प्राप्त विभिन्न एजेंसियों जैसे सीएमसी, एनआईसी तथा संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित किए जाते हैं। संसद सदस्यों, उनके स्टाफ और संसद के अधिकारियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करने हेतु संसदीय ज्ञानपीठ में एक कम्प्यूटर प्रशिक्षण कक्ष की स्थापना की गई है।
इंट्रानेट और ईमेल सेवाएं
डाटा का आदान-प्रदान करने और इंटरनेट का प्रयोग करने के लिए एक हाई स्पीड लोकल एरिया नेटवर्क (एलएएन) की व्यवस्था की गई है। इस एलएएन की व्यवस्था "स्टार कनफिगरेशन " में की गई है जिसमें सीआईएससीओ 6513 सेंट्रल स्विच और सीआईएससीओ केटालिस्ट 3524 ऐज स्विचेज हैं। इन स्विचों में लेयर 3 रूटिंग क्षमता है। केन्द्रीय स्विच 6513 एक्सेस, वितरण एवं बैकबोन लेयर और सर्वर फार्म एवं डाटा सेंटर इनवायरनमेंट सहित नेटवर्क के सभी भागों में उच्च कार्यनिष्पादन, हाई पोर्ट डेन्सिटी, तीव्र ईथरनेट और गिगाबिट ईथरनेट एग्रीगेशन के लिए उपयुक्त है। तीनों इमारतों और स्वागत कार्यालयों के स्वतंत्र लोकल एरिया नेटवर्क (एलएएन) उच्च गति से संपर्क प्रदान करने के लिए एक दूसरे से आप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से जुड़े हैं। इंटरनेट सहित इसके बाहर के क्षेत्रों को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र नेटवर्क "निकनेट" के माध्यम से कम्प्यूटर संपर्क प्रदान किया जाता है। भारत की संसद को "निकनेट" से एनआईसी (हेडक्वार्टर), सीजीओ कॉम्प्लेक्स पर 34 एमबीपीएस ऑप्टिकल फाइवर लिंक के माध्यम से जोड़ा गया है। "निकनेट" देश के सभी मंत्रालयों/िवभागों, राज्यों की राजधानियों, महत्वपूर्ण संस्थाओं, सभी जिला मुख्यालयों से जुड़ा हुआ है। संसद परिसर में लगभग 3000 एलएएन नोड्स हैं। सभी प्रयोक्ताओं को इंटरनेट उपलब्ध कराया गया है। सभी संसद सदस्यों और संसद सचिवालयों के अधिकारियों/अनुभागों को डोमेन नाम (sansad.nic.in) से एक समर्पित "ईमेल मेसेजिंग सर्विस" भी उपलब्ध है।